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शिक्षा विभाग को प्राथमिकता के तहत मिला 9666 करोड़ का बजट – रोहित ठाकुर

➤ शिक्षा विभाग को 9666 करोड़ का बड़ा बजट, कुल बजट का 18 प्रतिशत हिस्सा
➤ ठियोग में आधुनिक पुस्तकालय, 4 नए CBSE स्कूल और कॉमर्स विषय की शुरुआत
➤ ट्रांसमिशन लाइन, स्टाफ क्वार्टर और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विकास कार्यों को गति


हिमाचल प्रदेश में शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने बड़ा बजटीय प्रावधान किया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सबसे ऊपर रखते हुए 9666 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो कुल बजट का करीब 18 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1947 में जहां प्रदेश की साक्षरता दर महज 7 प्रतिशत थी, वहीं आज यह बढ़कर 99.30 प्रतिशत हो गई है, जो पहाड़ी राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

ठियोग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सरोग में नवनिर्मित आधुनिक पुस्तकालय का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि यह सुविधा न केवल विद्यार्थियों बल्कि आम जनता के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होना शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने इस विद्यालय में कॉमर्स विषय शुरू करने की घोषणा भी की।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 151 CBSE स्कूल स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से ठियोग क्षेत्र को चार स्कूल (ठियोग, कुमारसैन, मतियाना और सैंज) मिले हैं। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा।

इसी के साथ सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। 27 मार्च 2026 को 66 केवी प्रगतिनगर–हुल्ली डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन के दोनों सर्किट सफलतापूर्वक शुरू किए गए, जिस पर 12.33 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस परियोजना से कोटखाई, ठियोग और चौपाल क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता, स्थिरता और वोल्टेज में सुधार होगा तथा भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

वहीं, कोटखाई क्षेत्र में 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टाफ क्वार्टर (Type-II) का शिलान्यास भी किया गया। इसके अलावा क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और कृषि-बागवानी से जुड़े कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि 11वीं और 12वीं कक्षाओं में बागवानी को वोकेशनल विषय के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विकास कार्यों के माध्यम से प्रदेश को शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं में मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।